लोग कहते हैं कि तुम्हारा अंदाज़ बदला बदला सा हो गया है पर कितने नज़र अंदाज़ हुए हैं तब ये अंदाज़ आया है..!
तुम ही मेरी गंगोत्री, तुम ही मेरी गंगासागर !
अब तुम ही बता दो, मुझे कहाँ डुबकी लगाना है !!