1- जीवन और मृत्यु का कोई इलाज नही, इसलिए इस बीच के इंटरबेल का आनंद लिजिए
2- मौत जीवन का अतं करती हैँ, रिश्ते का नहीँ।
3- कभी-कभी जिदँगी मेँ सबसे आसान सवाल ही जवाब देने मेँ सबसे कठिन लगने लगता हैँ।
4- किसी इन्सान को जानने और समझने में बहुत फर्क होता है...
5- जब तक हम ये जान पाते हैँ कि जिदंगी क्या है तब तक ये आधी खत्म हो चुकी होती हैँ।
6- मुझे मौत का भय नही, मैँ तो बस उस वक्त वहाँ होना नही चाहता... !!
लोग कहते हैं कि तुम्हारा अंदाज़ बदला बदला सा हो गया है पर कितने ज़ख्म खाए हैं इस दिल पर तब ये अंदाज़ आया है..! A6
Monday, 21 September 2015
जिंदगी
“ऐसा क्या लिखू की तेरे दिल को तस्सली हो जाये,
क्या इतना कहना काफीं नहीं है कि मेरी जिंदगी हो तुम..!!”
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